मासूमियत

तेरह वर्षीय रीमा पिता के साथ स्कूटी पर घर जा रही थी कि रास्ते में स्कूटी खराब हो गई। स्कूटी ठीक होने में [...]

अपने पराएं

पति की मृत्यु के बाद सुमित्रा को मजबूरन अपने पुत्र और पुत्रवधू के पास महानगर में आकर रहना पड़ रहा था । बहू [...]

मां की पाती

पति के गुजरने के बाद से सुमित्रा पांच साल से अकेली गाजियाबाद में रह रही थी ।पुत्र अपने परिवार के साथ हैदराबाद रहता [...]

भारी कंगन

पति को गुज़रे चार साल हो गए थे, दोनों बच्चे विदेश में बस गए थे। सुमित्रा के जीवन में एकाकी पन और खालीपन [...]

अकेला पन

रात के नौ बजे थे इला काम निपटा कर अपनी मां मधुरिमा के साथ टीवी देखने बैठी ही थी कि तभी फोन की [...]

रिश्तों की समझ

आजकल मुकेश की प्रसन्नता का कोई ठिकाना नहीं था ‌। पिछले छः सात सालों से सेल्समैन बनकर दर-दर की ठोकरें खा रहा था,रात [...]

प्रायश्चित

संध्या की बेला काटना शिल्पा के लिए पिछले दो सालों से दुखद अहसास हो गया था। अपने पति प्रतीक को उसने कितनी बार [...]