दोषारोपण

आज फिर बस छूट गई। बहुत गुस्सा आता है सबके ऊपर। साली  जिंदगी हराम हो गई है । शिक्षा प्रणाली , आरक्षण, समाज [...]

मैं ग़लत तो नहीं

मैंने मूसलाधार बारिश से बचने के लिए निकटतम रेस्टोरेंट की शरण ली। एक तरफ खड़े होकर जबरदस्त भीड़ का जायजा ले रही थी  [...]

संवेदना

तेज़ मूसलाधार बारिश के कारण यातायात घोंघे की गति से आगे बढ़ रहा था ।आनु को बैचेनी और झुंझलाहट हो रही थी , [...]

उबाऊ जिंदगी

वह बहुत थका हुआ शाम घर में घुसा तो पत्नी देखते ही बोली ,”बिट्टू के स्कूल वाले दो दिन के लिए घुमाने ले [...]

पुण्य

रामदीन के हाथ कांप रहे थे उस कीमती पत्थर पर हथोडा़ चलाते हुए। दो दिन से कुछ खाया नहीं था,चक्कर आ रहे थे।बार [...]

अस्तित्व

सरोजनी उस लड़की का बेसब्री से इंतजार कर रही थी जो पहले दिन बुटीक से पोशाक खरीद कर ले गईं थीं। सरोजनी ने [...]

यादगार पल

बेटा कालेज की पढ़ाई करने दूसरे शहर जा रहा था और अपना सामान बांध रहा था । मैं वहीं उसके आसपास मंडरा रहा [...]

सुरक्षा कवच

तुलिका ने अस्पताल से बाहर निकलकर आॅटो लिया और घर का पता बताकर आंखें बंद करके बैठ गई | वह भाव-विह्वल थी, आंखों [...]

बौना

मोनिका को जब डाक्टर ने डेंगू का असर बताया तो उसने गांव से अपनी देवरानी ललिता को बुलवा लिया। पंद्रह दिन घर व्यवस्थित [...]